सोच (कविता) ~ मेवालाल

 ‎ सोशल मीडिया पर विचरण करते

‎ देखते एक फोटो रहा गंभीर

‎ जिसने पलट दिया 

‎ मेरे विचारों का एक पृष्ठ

‎ दो अलग अलग परिवार

‎ बात करते अलग अलग देखा

‎ एक ही स्थिति पर

‎ यदि हो विचारों पर काम 

‎ तो बदल जाएगी जीवन रेखा।

‎ एक परिवार

‎ अपने एक लड़के के साथ

‎ सुबह सुबह घूमने निकला

‎ हाथों में लेके हाथ

‎ सड़क पर झाड़ू लगाते

‎ जब एक मेहतर देखा।

‎ पिता ने बेटे से बोला

‎ देखो बेटा अगर नहीं पढ़ोगे

‎ झाड़ू लगाओगे

‎ तुम भी मेहतर जैसा।

‎ एक दूसरा परिवार

‎ जब गई नजर मेहतर पर

‎ पिता ने कहा हाथ देकर

‎ देखो बेटा 

‎ पढ़ो तुम मन लगाकर

‎ ताकि झाड़ू लगाने वाले के लिए 

‎ कुछ कर सको बेहतर।

     मेवालाल 

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